भारत की आर्थिक यात्रा अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। SBI Research की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत वर्ष 2030 तक अपर मिडिल इनकम देश बन जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि देश में गरीब और कम आय वाले मध्यम वर्ग की आबादी में कमी आएगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2028 तक भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
आज़ादी के बाद अब तेज़ हुई आर्थिक रफ्तार
रिपोर्ट के अनुसार, आज़ादी के बाद भारत को एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने में करीब 60 साल लगे। इसके बाद आर्थिक गति में तेज़ी आई। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए अगले दो वर्षों में भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है।
ग्लोबल ग्रोथ में भारत की मजबूत स्थिति
एसबीआई रिसर्च के मुताबिक पिछले 25 वर्षों के औसत में भारत की रैंकिंग 92वें परसेंटाइल पर रही है। हालांकि, पिछले 10 वर्षों में यह बढ़कर 95वें परसेंटाइल पर पहुंच गई है। इसका अर्थ यह है कि भारत ने दुनिया के अधिकांश विकसितशील और उभरते देशों से बेहतर आर्थिक प्रदर्शन किया है।
ऐसे बढ़ी हमारी इकोनॉमी
| जीडीपी स्तर | समय लगा | कब बना |
|---|---|---|
| 2 ट्रिलियन डॉलर | 7 साल | 2014 |
| 3 ट्रिलियन डॉलर | 7 साल | 2021 |
| 4 ट्रिलियन डॉलर | 4 साल | 2025 |
| 5 ट्रिलियन डॉलर | 2 साल लगेंगे | 2028 तक |
| (5 ट्रिलियन डॉलर का अनुमान) |
चीन से क्या सीख मिलती है
रिपोर्ट में चीन का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि वर्ष 2007 में चीन की प्रति व्यक्ति आय 2555 डॉलर थी, जबकि भारत इस स्तर पर 2023 में पहुंचा है। इसके साथ ही चीन की जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का हिस्सा भारत की तुलना में लगभग दोगुना है।
