केंद्र सरकार ने झारखंड में वर्ष 2009 से पहले नियुक्त शिक्षकों से संबंधित पूरी जानकारी राज्य सरकार से मांगी है। यह कार्रवाई Supreme Court of India के हालिया आदेश के बाद तेज हुई है।
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72 हजार शिक्षक हो सकते हैं प्रभावित
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, जिन शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं की है, उनकी सेवाओं पर असर पड़ सकता है। झारखंड में ऐसे लगभग 72,000 शिक्षक बताए जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मुख्य बातें
- जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 5 साल से अधिक है, उन्हें TET पास करना अनिवार्य होगा
- TET पास नहीं करने पर सेवा समाप्त मानी जाएगी
- 5 साल से कम सेवा वाले शिक्षकों को TET पास करने के लिए 2 साल का समय दिया गया है
- निर्धारित समय में TET पास नहीं करने पर नियुक्ति रद्द हो सकती है
राज्य सरकार से क्या मांगा गया है
केंद्र ने राज्य सरकार से कहा है कि वह:
- 2009 से पहले नियुक्त शिक्षकों की सूची
- उनकी सेवा अवधि
- TET की स्थिति
- राहत या वैकल्पिक व्यवस्था पर रिपोर्ट
जल्द केंद्र को सौंपे।
क्या मिल सकती है राहत?
राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि:
- लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए मानवीय आधार पर समाधान खोजा जाएगा
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के दायरे में रहकर राहत विकल्पों पर विचार होगा
