खतौरी, घटवाल व घटवार को ST का दर्जा देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में: केंद्र सरकार

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खतौरी, घटवाल व घटवार को एसटी का दर्जा देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में: केंद्र सरकार

रांची: खतौरी, घटवाल और घटवार समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने को लेकर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट है। इस दिशा में चल रही प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यह जानकारी केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल उरांव ने लोकसभा में एक लिखित जवाब के माध्यम से दी।

यह प्रश्न गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे द्वारा लोकसभा में उठाया गया था, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने विस्तार से स्थिति स्पष्ट की।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि झारखंड सरकार से प्राप्त प्रस्ताव पर संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रस्ताव विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन है और जनजातीय कार्य मंत्रालय ने नियमानुसार आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

आखिर क्यों खतौरी, घटवाल व घटवार को एसटी का दर्जा दिया जा रहा है?

इन समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
एसटी दर्जा मिलने से इन समुदायों को:

  • शिक्षा और रोजगार में आरक्षण
  • सरकारी योजनाओं का लाभ
  • सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा

जैसे अधिकार प्राप्त होंगे। इसी कारण झारखंड सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा था।

संवैधानिक प्रक्रिया के तहत हो रहा काम

केंद्रीय मंत्री ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि किसी भी समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने के लिए एक निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होता है। इसके तहत पहले संबंधित राज्य सरकार से प्रस्ताव प्राप्त किया जाता है। इसके बाद भारत के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय द्वारा एथनोग्राफिक अध्ययन और रिपोर्ट तैयार की जाती है।

इसके उपरांत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से अनुशंसा ली जाती है। सभी संबंधित संस्थाओं की सहमति और रिपोर्ट के आधार पर ही केंद्र सरकार अंतिम निर्णय लेती है।

झारखंड सरकार का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि झारखंड सरकार से प्राप्त प्रस्ताव वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। आवश्यक बिंदुओं पर जानकारी और टिप्पणियों का आदान-प्रदान किया जा रहा है। सभी संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार किसी भी समुदाय को एसटी सूची में शामिल करने के मामले में नियमों और संवैधानिक प्रावधानों से हटकर कोई फैसला नहीं ले सकती।

लंबे समय से की जा रही है मांग

गौरतलब है कि खतौरी, घटवाल और घटवार समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग लंबे समय से की जा रही है। एसटी दर्जा मिलने से इन समुदायों को शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं में आरक्षण सहित कई संवैधानिक लाभ मिल सकेंगे।

फिलहाल केंद्र सरकार द्वारा दी गई जानकारी से यह स्पष्ट है कि मामला निर्णायक मोड़ पर है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.