रांची |
- आखिरी बार J-TET का Exam कब हुआ था?
- राज्य में आखिरी बार जेटेट परीक्षा वर्ष 2016 में हुई थी। इसके बाद 2017 से 2025 तक किसी भी कारणवश जेटेट का आयोजन नहीं हो सका। अब सरकार ने जेटेट-2025 के लिए नई नियमावली का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
- J-TET Exam बदले नियम
- कब और कैसे होगी J-TET की परीक्षा
- 2024 में क्यों रोकी गई थी ? J-TET की परीक्षा
- J-TET का समय पर आयोजन न होने से होने वाले नुकसान
- नई नियमावली से क्या बदलेगा
- झारखंड सरकार का पक्ष
झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) की नई नियमावली का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिससे करीब 9 साल बाद जेटेट परीक्षा आयोजित होने का रास्ता साफ हो गया है। ड्राफ्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा की तारीख की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
आखिरी बार J-TET का Exam कब हुआ था?
राज्य में आखिरी बार जेटेट परीक्षा वर्ष 2016 में हुई थी। इसके बाद 2017 से 2025 तक किसी भी कारणवश जेटेट का आयोजन नहीं हो सका। अब सरकार ने जेटेट-2025 के लिए नई नियमावली का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
J-TET Exam बदले नियम
पुरानी नियमावली और पात्रता मानकों को लेकर लगातार कानूनी विवाद सामने आ रहे थे। वर्ष 2024 में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने जेटेट कराने की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें करीब साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, लेकिन नई शिक्षा नीति के तहत पात्रता मानकों में बदलाव की तैयारी के कारण परीक्षा रोक दी गई थी। सरकार को आशंका थी कि पुराने नियमों पर परीक्षा कराने से परिणाम बाद में कानूनी विवादों में फंस सकते हैं।
कब और कैसे होगी J-TET की परीक्षा
सरकार ने संकेत दिया है कि कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही जेटेट परीक्षा की तिथि घोषित कर दी जाएगी। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार राज्य में शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया को कानूनी रूप से स्पष्ट, विवाद-मुक्त और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है।
2024 में क्यों रोकी गई थी ? J-TET की परीक्षा
वर्ष 2024 में पात्रता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया से जुड़े बदलावों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका था। इसी वजह से जेटेट परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। अब नई नियमावली के जरिए इन सभी बिंदुओं को स्पष्ट किया गया है।
J-TET का समय पर आयोजन न होने से होने वाले नुकसान
- पढ़े लिखे युवाओं को समय पर नौकरी का अवसर नहीं मिल पा रहा है। अक्सर काफी युवाओं की Age Limit भी खत्म हो जाती है।
- सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे हमारे आने वाले पीढ़ियों को बेहतर शिक्षा की कमी महसूस होती है
- 6 हजार से अधिक प्राथमिक स्कूल एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहे थे
- शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
नई नियमावली से क्या बदलेगा
- पात्रता और चयन प्रक्रिया पर कानूनी अस्पष्टता खत्म होगी
- भविष्य में परीक्षा और नियुक्ति को लेकर विवाद की गुंजाइश कम होगी
- प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में लंबे समय से अटकी भर्तियों का रास्ता खुलेगा
- शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया दोबारा शुरू होने की संभावना बनेगी
झारखंड सरकार का पक्ष
झारखंड सरकार का कहना है कि जेटेट की नई नियमावली लागू होने से न केवल परीक्षा का कानूनी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया, पात्रता, विषय चयन और आरक्षण से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवादों का भी समाधान होगा। इससे राज्य के सरकारी स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन सुनिश्चित की जा सकेगी।
तो अब देखने वाली बात हैं कि JTET एग्जाम कब और कैसे आयोजित किया जाता है ?
वरना और एग्जाम्स की भांति इस एग्जाम में भी भ्रष्टाचारी चरम पर देखने को मिलती है
और आखिर कब तक भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया जाता है।
