रांची: झारखंड की राजधानी रांची में राज्य सरकार ने आईटी सेक्टर के विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग ने प्रस्तावित आईटी पार्क के लिए एचईसी फेज-2 क्षेत्र में 100 एकड़ जमीन चिन्हित की है। इस जमीन पर अत्याधुनिक आईटी पार्क का निर्माण कराया जाएगा।
IT सेक्टर के विस्तार से राज्य में रोजगार के नये अवसर तेजी से खुलने की संभावना है. आइटी पार्क में झारखंड में करीब 10 हजार से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार मिलेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को इसका लाभ पहुंचेगा. आइटी कंपनियों के आगमन से होटल, ट्रांसपोर्ट, रियल एस्टेट और रिटेल सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा ।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभागीय अधिकारियों को जमीन संबंधी सभी प्रक्रियाएं जल्द पूरा करने और प्रोजेक्ट पर काम तेज करने का निर्देश दिया है। झारखंड सरकार का लक्ष्य है कि आईटी पार्क बनने के बाद राज्य के युवाओं को राज्य में ही रोजगार और बेहतर अवसर मिलेंगे।
दूसरी राज्यों की तरह अब झारखंड में भी IT Park
देश के कई राज्यों में आईटी पार्क विकसित होने के बाद वहां रोजगार, निवेश और तकनीकी विकास में तेजी आई है। उसी मॉडल पर अब झारखंड भी आगे बढ़ रहा है।
मौजूदा समय में कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में आईटी पार्क सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। झारखंड सरकार को उम्मीद है कि यहां भी आईटी पार्क बनने से
- युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
- राज्य में निवेश बढ़ेगा।
- नई टेक कंपनियां राज्य में आएंगी।
बड़ी Tech कंपनियों से संपर्क, निवेशकों ने दिए सुझाव
भारत IT सेक्टर का वैश्विक हब है और विभिन्न राज्यों में विश्वस्तरीय आइटी पार्क विकसित किये गये हैं. ये पार्क न केवल हजारों रोजगार सृजन करते हैं, बल्कि नवाचार, स्टार्टअप और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हैं. इन्हीं पाकों की तर्ज पर ही रांची में भी आइटी पार्क को विकसति किया जाना है.
टॉप टेक कंपनियों गूगल, विप्रो, इंफोसिस और टीसीएस समेत अन्य कई कंपनियों के लगातार संपर्क में है. हाल ही में गूगल के प्रतिनिधियों ने आइटी विभाग के अधिकारियों के साथ मुलाकात कर कुछ सुझाव दिये थे. उसी सुझाव
सेक्टर 62 और एनएसइजेड, डीएलएफ आइटी पार्क, स्टेलर आइटी पार्क, गुरुग्रामः डीएलएफ साइबर सिटी
पश्चिम बंगाल (कोलकाता) : सॉल्ट लेक सेक्टर पांच, मिलेनियम सिटी आइटी पार्क,
केरल (तिरुवनंतपुरम) : टेक्नोपार्क
के अनुरूप प्रस्तावित आइटी पार्क का मास्टर प्लान बनाया जा रहा है.
हाल ही में गुड़गांव के प्रतिनिधिमंडल ने रांची पहुंचकर आईटी पार्क परियोजना को लेकर सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग लगातार शीर्ष आईटी और टेक कंपनियों से संपर्क में है, ताकि परियोजना शुरू होते ही बड़े निवेशक झारखंड में आएं।
CM हेमंत सोरेन ने कहा : अब युवाओं को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि —
“यहां के युवाओं को रोजगार के लिए बेंगलुरु या हैदराबाद नहीं जाना पड़ेगा। बड़ी टेक कंपनियां अब यहीं आएंगी।”
झारखंड सरकार चाहती है कि झारखंड का आईटी सेक्टर मज़बूती से खड़ा हो और राज्य देश के प्रमुख आईटी हब में शामिल हो सके।
IT Park परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही
आईटी पार्क निर्माण के लिए
- Master Plan
- आधारभूत ढांचा
- सड़क, बिजली, पानी
- कार्यालय भवन
- Start-up के लिए Space
जैसे सभी इंतजाम चरणबद्ध तरीके से किए जा रहे हैं।
झारखंड सरकार की कोशिश है कि IT Park 2026 तक कार्यात्मक हो जाए, ताकि पहले चरण में ही हजारों युवाओं को रोजगार मिल सके।
