CGL पेपर लीक मामला: सफल अभ्यर्थियों और सरकार को सुप्रीम कोर्ट से राहत

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रांची।
सामान्य स्नातक योग्यता संयुक्त प्रतियोगिता (CGL-2023) के पेपर लीक मामले में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर एसएलपी को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश बिल्कुल सही है और इसमें किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।


झारखंड हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सीजीएल पेपर लीक मामले की जांच जारी रहेगी और सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति दी जा सकती है। इसके बाद सरकार की ओर से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सफल अभ्यर्थियों के साथ-साथ सरकार को भी राहत मिली है।

हाईकोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट में भी सही ठहरा

कुछ अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनकी दलील थी कि हाईकोर्ट का आदेश सही नहीं है, क्योंकि पेपर लीक की जांच जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और साफ कहा कि आदेश तार्किक और उचित है।

झारखंड हाईकोर्ट ने दिसंबर में सीबीआई जांच की मांग को खारिज करते हुए जांच जारी रखने, रिजल्ट जारी करने और नियुक्ति देने की अनुमति दी थी।

10 अभ्यर्थियों का रिजल्ट रोका गया

झारखंड हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि जांच के दौरान जिन 10 अभ्यर्थियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका रिजल्ट फिलहाल जारी नहीं किया जाएगा।


अगर जांच में कोई अन्य अभ्यर्थी आरोपित पाया जाता है, तो उसका रिजल्ट और नियुक्ति दोनों प्रभावित होंगे। आयोग आवश्यक होने पर नियुक्ति रद्द भी कर सकता है।

गिरफ्तारी और जांच का आदेश

सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई थी। अदालत ने परीक्षा रद्द करने से इंकार करते हुए जांच जारी रखने का आदेश दिया।

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Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.