पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव ने रातोंरात सड़क पर खड़ी की दीवार, जबरन रोकी कोल ट्रांसपोर्टिंग

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पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव ने रातोंरात सड़क पर खड़ी की दीवार, जबरन रोकी कोल ट्रांसपोर्टिंग

हजारीबाग — जिले के केरेडारी स्थित पगार ओपी अंतर्गत जोरदाग मुंडा टोली क्षेत्र में 1 जनवरी की रात अचानक बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव ने 2.2 ट्रांसपोर्टिंग सड़क पर दीवार खड़ी कर दी. ईंट और मिट्टी से लगभग 12 फीट लंबी और चार फीट ऊंची दीवार बनायी थी. इससे सड़क की दोनों ओर हाइवा की लंबी कतार लग गयी. इसके बाद लगातार करीब 10 घंटे तक ट्रांसपोर्टिंग बाधित रही. इसकी सूचना मिलते ही केरेडारी थाना प्रभारी विवेक कुमार और पगार ओपी प्रभारी दिनेश कुमार मंडल सदल बल मौके पर पहुंचे. मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार के आदेश पर महिला पुलिस बल की मदद से दीवार तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गयी.

इस दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी (पूर्व विधायक) निर्मला देवी दीवार स्थल पर बैठकर विरोध जताते रहे. पुलिस और प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों नहीं माने।

योगेंद्र साव का दावा है कि जिस स्थान पर दीवार बनाई गई, वह उनकी निजी जमीन है। वहीं प्रशासन का कहना है कि यह रास्ता आम लोगों के उपयोग में आने वाला पब्लिक रोड है, इसलिए इस तरह रोक लगाना नियम के खिलाफ है।

पत्नी के साथ सड़क पर बैठकर करते रहे विरोध

घटना के बाद पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी निर्मला देवी सड़क पर ही बैठ गए और लगातार विरोध करते रहे। उनका कहना है कि बिना उनसे अनुमति लिए इस रास्ते का उपयोग वर्षों से किया जा रहा है, जो उनकी जमीन है।

प्रशासन बोला — सड़क आम रास्ता, रोक लगाना गलत

प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और बताया कि:

  • जिस जगह दीवार बनाई गई है, वह मार्ग आम आवाजाही के लिए उपयोग में आता है।
  • अचानक दीवार खड़ी करने से कोल ट्रांसपोर्टिंग और स्थानीय आवागमन रुक गया।
  • कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बढ़ गई।

अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर दीवार हटाने की कार्रवाई होगी।

स्थानीय लोगों ने भी जताया विरोध

आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते पर दीवार खड़ी करने से स्कूल, बाज़ार और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो गए हैं। वहीं कोयला कंपनियों के वाहनों को भी वैकल्पिक रास्ता तलाशना पड़ रहा है।

मामला और बढ़ सकता है

सूत्रों के अनुसार, जमीन विवाद और सड़क उपयोग को लेकर यह मामला अब प्रशासन, स्थानीय प्रतिनिधियों और कानूनी स्तर तक पहुंच सकता है।

लोगों में सवाल उठ रहा है कि:

  • अगर जमीन निजी है, तो इतने वर्षों से सड़क का उपयोग कैसे हो रहा था?
  • और अगर यह सार्वजनिक रास्ता है, तो दीवार खड़ी करना गंभीर उल्लंघन क्यों नहीं माना जाए?

फिलहाल प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।

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Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.