झारखंड में लागू हुआ पेसा कानून: अब ग्रामसभा की अनुमति के बिना भूमि अधिग्रहण नहीं

3 Min Read
झारखंड में लागू हुआ पेसा कानून: अब ग्रामसभा की अनुमति के बिना भूमि अधिग्रहण नहीं

रांची। झारखंड सरकार ने अनुसूचित क्षेत्रों के लिए बहुप्रतीक्षित
‘पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम — पेसा 2025’
को अधिसूचित कर दिया है। अधिसूचना जारी होते ही यह कानून
अनुसूचित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।

इस कानून के तहत अब गांवों को स्वशासन, संसाधनों और निर्णय-प्रक्रिया
पर पहले से कहीं अधिक अधिकार मिलेंगे। सरकार के अनुसार,
पेसा ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत करेगा और आदिवासी समुदायों
के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा करेगा।

पेसा कानून के तहत सबसे बड़े बदलाव

  • ग्रामसभा की अनुमति के बिना भूमि अधिग्रहण नहीं
  • खनिज, जंगल, जमीन और बाजार पर ग्रामसभा का नियंत्रण
  • विकास योजनाओं में गांव की सीधी भागीदारी
  • अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने का अधिकार
  • सामाजिक बुराइयों और विवादों का निपटारा ग्रामसभा करेगी
  • सरकारी योजनाओं का सोशल ऑडिट ग्रामसभा करेगी
  • गलत निर्णय होने पर उसे वापस लिया जा सकेगा
  • पुलिस को कार्रवाई से पहले ग्रामसभा को सूचना देनी होगी

ग्रामसभा के अधिकार अब और मजबूत

पेसा कानून के अनुसार:

  • गांव में होने वाले विकास कार्यों की योजना ग्रामसभा बनाएगी
  • अनुचित काम होने पर अर्थदंड लगाया जा सकेगा
  • शराबबंदी, अवैध कटाई और संसाधनों के शोषण पर रोक
  • पारंपरिक रीति-रिवाजों को कानूनी सुरक्षा
  • पंचायत व सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी

खनन, जंगल और बाजार पर सीधा नियंत्रण

अब:

  • जंगल-जमीन से मिलने वाले संसाधनों पर पहला अधिकार ग्रामसभा का
  • हाट-बाजारों की नीलामी और प्रबंधन गांव तय करेगा
  • कंपनियों और ठेकेदारों की गतिविधियां ग्रामसभा की अनुमति से ही

सामुदायिक संसाधनों की सुरक्षा

  • तालाब, पहाड़, नदी, चरागाह, सामुदायिक भूमि
  • किसी भी तरह के कब्जे व अवैध उपयोग पर रोक
  • प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर

प्रशासनिक-सामाजिक नियंत्रण का अधिकार

नई व्यवस्था के तहत:

  • गांव के स्तर पर विवादों का समाधान
  • सामाजिक अपराधों की रोकथाम
  • योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन
  • ग्रामसभा की अनुमति के बिना कोई बड़ा फैसला नहीं

पहले चरण में इन 16 जिलों में लागू

पेसा कानून पहले चरण में निम्न जिलों में लागू हुआ है:

रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा,
चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम,
सरायकेला-खरसावां, दुमका और पाकुड़।

सरकार का लक्ष्य

सरकार का कहना है कि:

“पेसा कानून गांवों को वास्तविक स्वशासन देगा,
विकास में पारदर्शिता बढ़ाएगा और
प्राकृतिक संसाधनों पर समुदाय का अधिकार सुनिश्चित करेगा।”

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम:

  • आदिवासी स्वायतत्ता
  • स्थानीय लोकतंत्र
  • संसाधनों की सुरक्षा

के लिए ऐतिहासिक साबित होगा।

Share This Article
Pradeep Kumar is the Co-Founder of DumriExpress.com, a digital news platform. He extensively covers local news, latest updates, and trending stories, with a strong focus on Jharkhand and Bihar, along with National (Bharat), Politics, Technology, Sports, Entertainment, and International news.